पंजाब में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चंडीगढ़ केंद्र ने राज्य के कई जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश से सटे पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर जिलों के लिए 2 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। चंडीगढ़ में भी दिनभर बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को पंजाब के लगभग सभी जिलों में कहीं न कहीं बारिश होने की संभावना है। इसके मद्देनजर राज्य के कई हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अमृतसर, तरनतारन, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा जिलों में भी कई स्थानों पर बारिश दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग ने बताया कि लगातार बादल छाए रहने और वर्षा की गतिविधियों के कारण तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। हालांकि अधिकतम तापमान में लगभग एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो फिलहाल सामान्य स्तर के आसपास बनी हुई है।
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार, पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि सक्रिय मानसून ट्रफ (मानसून रेखा) इस समय उत्तर भारत के करीब बनी हुई है, जबकि हिमाचल प्रदेश के ऊपर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी प्रभावी है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से पंजाब और चंडीगढ़ में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और रुक-रुक कर वर्षा होने की संभावना बनी रहेगी।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले इलाकों से बचने और गरज-चमक के समय खुले स्थानों में जाने से परहेज करने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की अपील की गई है।
